कोरोना काल में बदल जाएंगे यात्रा से जुड़े कई तरीके, मोदी सरकार करेगी इस कानून में बदलाव

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 21 Jun 2020 12:59 AM IST

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केंद्र सरकार ने शनिवार को पड़ोसी देशों के साथ यात्री और माल वाहनों की आवाजाही की सुविधा के लिए दिशा-निर्देश जारी करने और मौजूदा मोटर वाहन नियमों में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया है। दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से आम जनता और अन्य से सुझाव आमंत्रित करते हुए नए दिशा-निर्देशों का एक मसौदा शनिवार को जारी किया गया।

इन प्रस्तावित नियमों को केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2020 कहा जाएगा। मसौदा नियमों के मुताबिक, परिवहन विभाग, भारत के किसी भी राज्य की सरकार ही (जैसा कि एमओयू में बताया गया है) बस सेवा के संचालन के लिए जिम्मेदार होगी और उसे सौंपी गई कई अलग-अलग जिम्मेदारियों का पालन करना होगा।

इस दौरान बस सेवा को राज्य पुलिस की तरफ से सुरक्षा मिलेगी। डीआईजी रैंक के पुलिस कार्यालय को ऐसी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) बस सेवा के सुचारू संचालन के लिए खुफिया संबंधी मुद्दों का समन्वय करने वाली नोडल खुफिया एजेंसी होगी।

बस सेवा कई दिनों तक चलेगी (जैसा कि एमओयू में बताया गया है) और बसों के फेरों की संख्या की समीक्षा राज्य परिवहन विभाग की तरफ से की जाएगी। मसौदा नियम के मुताबिक, बस सेवा के लिए एमओयू में उल्लेखित और निर्देशित मार्गों का पालन किया जाएगा और राज्य परिवहन विभाग बसों के ठहराव वाले स्थान (हॉल्टिंग प्लेस) तय करेगा।

राज्य परिवहन विभाग निर्धारित स्थान से प्रस्थान करने से पहले टिकटों की व्यवस्था, बस को कीटाणुमुक्त करना, बस यात्रा के लिए सड़क की स्थिति, यात्रियों की जांच, सामान की हैंडलिंग आदि जैसी औपचारिकताओं का ध्यान रखेगा। इसके साथ ही कई अलग-अलग एजेंसियां भारत के आईसीपी (एकीकृत चेक पोस्ट) में उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों को निभाएंगी।

केंद्र सरकार ने शनिवार को पड़ोसी देशों के साथ यात्री और माल वाहनों की आवाजाही की सुविधा के लिए दिशा-निर्देश जारी करने और मौजूदा मोटर वाहन नियमों में संशोधन करने का प्रस्ताव दिया है। दरअसल, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से आम जनता और अन्य से सुझाव आमंत्रित करते हुए नए दिशा-निर्देशों का एक मसौदा शनिवार को जारी किया गया।

इन प्रस्तावित नियमों को केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 2020 कहा जाएगा। मसौदा नियमों के मुताबिक, परिवहन विभाग, भारत के किसी भी राज्य की सरकार ही (जैसा कि एमओयू में बताया गया है) बस सेवा के संचालन के लिए जिम्मेदार होगी और उसे सौंपी गई कई अलग-अलग जिम्मेदारियों का पालन करना होगा।

इस दौरान बस सेवा को राज्य पुलिस की तरफ से सुरक्षा मिलेगी। डीआईजी रैंक के पुलिस कार्यालय को ऐसी जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) बस सेवा के सुचारू संचालन के लिए खुफिया संबंधी मुद्दों का समन्वय करने वाली नोडल खुफिया एजेंसी होगी।

बस सेवा कई दिनों तक चलेगी (जैसा कि एमओयू में बताया गया है) और बसों के फेरों की संख्या की समीक्षा राज्य परिवहन विभाग की तरफ से की जाएगी। मसौदा नियम के मुताबिक, बस सेवा के लिए एमओयू में उल्लेखित और निर्देशित मार्गों का पालन किया जाएगा और राज्य परिवहन विभाग बसों के ठहराव वाले स्थान (हॉल्टिंग प्लेस) तय करेगा।

राज्य परिवहन विभाग निर्धारित स्थान से प्रस्थान करने से पहले टिकटों की व्यवस्था, बस को कीटाणुमुक्त करना, बस यात्रा के लिए सड़क की स्थिति, यात्रियों की जांच, सामान की हैंडलिंग आदि जैसी औपचारिकताओं का ध्यान रखेगा। इसके साथ ही कई अलग-अलग एजेंसियां भारत के आईसीपी (एकीकृत चेक पोस्ट) में उन्हें सौंपी गई जिम्मेदारियों को निभाएंगी।

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