नीतीश ने आर्थिक पैकेज पर की बैठक, कहा-मखाना पूरा करेगा मकसद

पटना, 18 मई (आईएएनएस)। कोरोना संक्रमण के दौर में गरीबों, किसानों को राहत पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी आर्थिक पैकेज की घोषणा के बाद सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ऐसी योजनाएं बनाएं, जिससे मखाना का व्यापार बिहार से ही हो।

उन्होंने कहा, हर हिंदुस्तानी की थाली में बिहार का एक व्यंजन हो, यह हमारा उद्देश्य है। मखाना इसे पूरा कर सकता है, इससे कृषि रोडमैप में निर्धारित लक्ष्य भी पूरा हो सकेगा।

नीतीश ने कहा कि मखाना और मखाना उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दें और इसके उत्पादन का क्षेत्र बढ़ाने के साथ प्रोसेसिंग और उत्पादों के लिए ब्रांडिंग के साथ मार्केट को बढ़ावा दें। इससे बिहार की अर्थव्यवस्था भी बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा, मखाना के साथ शाही लीची, चिनिया केला, आम, मेंथा तेल, खसतेल, कतरनी चावल और अन्य कृषि उत्पादों के कलस्टर को भी बढ़ावा दें।

उन्होंने कहा कि विश्व का 90 फीसदी उत्पादन वाले बिहार का मखाना हर हिंदुस्तानी की थाली में बिहार का एक व्यंजन हो इस उद्देश्य पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इससे कृषि रोडमैप में निर्धारित लक्ष्य भी पूरा हो सकेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कृषि उत्पादों के लिए बाजार के साथ-साथ पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट पर भी ध्यान देने का निर्देश दिया है। उन्होंने जैविक खेती कॉरिडोर के तहत गंगा नदी के तट पर और राजगीर की पहाड़ियों पर औषधीय पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने, लेमन ग्रास, खस और मेंथा के उत्पादन को बढ़ाने की बात कही है।

मुख्यमंत्री ने कहा, केंद्र सरकार द्वारा घोषित आर्थिक पैकेज का अधिक से अधिक लाभ किसान और मजदूरों को मिल सके, इसके लिए जरूरत हो तो पहले के प्रावधान में भी बदलाव करने में कोई गुरेज ना करें।

मुख्यमंत्री ने शहद उत्पादन पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में इसके उत्पादन की असीम संभावनाएं हैं। इसके लिए शहद की प्रोसेसिंग यूनिट तथा मार्केटिंग एवं ब्रांड वैल्यू पर विशेष बल दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, शहद उत्पादन को सहकारी संस्थानों से लिंक किया जाए। शहद से संबंधित वैल्यू एडेड उत्पादों जैसे रॉयल जेली, बी.वैक्स, पौलेन, वेनम आदि, जिनके संबंध में कृषि रोडमैप में भी बल दिया गया है, को बढ़ावा देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एग्रीकल्चर मार्केटिंग रिफॉर्म लागू करने जा रही है।

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